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Vivah (Kohbar)

कोहबर गीत

मैथिली बोल

कोहबर घर में दीया जरय सिया-राम के जोड़ी मिलय। चारु कोन, चारु दीया बीच में कलश धराय। पुरइन बात, केरा क पात दही-चूड़ा के भोग लगाय हसी-खुशी बीतय रतिया जुग-जुग जोड़ी अमर हो जाय।

भावार्थ