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Batgamni

बटगमनी - चलहूँ सखी

मैथिली बोल

चलहूँ सखी, फुलवा लोढ़े चलु फुलवरिया में। कोन फूल फुलल, कोन फूल मउरल केकर बास बहार हो? बेली फुलल, चमेली फुलल अड़हुल बास बहार हो। सीता संगे सखी सब चलली हंसी-ठिठोली करैत हो माली के बगिया, सोहय बड निक सब सखी फूल लोढ़ैत हो।

भावार्थ