मिथिला धरोहर: विरासत और स्मारक

दरभंगा किला

📍 Mithila

दरभंगा किला

दरभंगा किला, जिसे 'बिहार का लाल किला' भी कहा जाता है, खंडवाला राजवंश (राज दरभंगा) की शक्ति और स्वाभिमान का सबसे बड़ा प्रतीक है। यह विशाल किला लगभग ८५ एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी ५० फीट ऊंची लाल ईंटों की दीवारें मुगल स्थापत्य कला से प्रेरित हैं। महाराजा कामेश्वर सिंह द्वारा निर्मित यह किला कभी आधुनिक सुख-सुविधाओं, पुस्तकालयों und अमूल्य कलाकृतियों से सुसज्जित था। किले का मुख्य द्वार, जिसे 'सिंह द्वार' कहा जाता है, अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। किले के अंदर प्रसिद्ध श्यामा माई मंदिर और कई अन्य शाही इमारतें स्थित हैं। हालांकि किले का एक हिस्सा अब आवासीय और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाता है, लेकिन इसकी बाहरी प्राचीर और बुर्ज आज भी उस समय की याद दिलाते हैं जब दरभंगा एक स्वतंत्र और समृद्ध रियासत थी। यह किला न केवल रक्षात्मक संरचना है, बल्कि यह क्षेत्र के गौरवशाली राजनीतिक इतिहास और मैथिल वास्तुकला की भव्यता का एक जीवंत प्रमाण है।

योगदानकर्ता

✍️Anish Jha

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