बलिराजगढ़
📍 मधुबनी, बिहार, भारत
बिहार के मधुबनी जिले में स्थित बलिराजगढ़, मिथिला क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों में से एक है, जिसे अक्सर 'प्राचीन मिथिला का प्रवेश द्वार' कहा जाता है। १७६ एकड़ में फैला यह किला उत्तरी काले पॉलिश वाले मृदभांड (NBPW) काल (लगभग ६००-२०० ईसा पूर्व) से लेकर शुंग, कुषाण, गुप्त और पाल काल तक के अवशेषों को संजोए हुए है। २०२६ में हुए हालिया उत्खनन ने इस स्थल को फिर से वैश्विक चर्चा में ला दिया है, जिसमें परिष्कृत ईंट संरचनाएं, प्राचीन मिट्टी के बर्तन और टेराकोटा की मूर्तियाँ मिली हैं। ये खोजें प्राचीन मैथिल सभ्यता की शहरी नियोजन और कलात्मक सूक्ष्मता की झलक पेश करती हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बलिराजगढ़ का संबंध पौराणिक राजा बलि से है, हालांकि ऐतिहासिक रूप से यह सदियों तक एक प्रमुख रणनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र रहा। यहाँ की विशाल मिट्टी और ईंट की किलेबंदी, जो आज भी दिखाई देती है, इसके पूर्व वैभव की गवाह है।
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