झिझिया: विश्वास और संरक्षण का नृत्य
झिझिया मिथिला क्षेत्र का एक अनुष्ठानिक लोक नृत्य है, जो नवरात्रि के दौरान किया जाता है। यह देवी दुर्गा के प्रति भक्ति और समुदाय को बुरी शक्तियों से बचाने की एक प्रतीकात्मक प्रार्थना है।
विधि व अनुष्ठान
महिलाएं अपने सिर पर मिट्टी के घड़े (घैला) संतुलित करती हैं। इन घड़ों में कई छेद होते हैं और अंदर एक जलता हुआ दीपक (दिया) होता है।
सांस्कृतिक महत्व
मान्यता है कि यह नृत्य बुरी नजर को दूर रखता है और समुदाय में सुख-शांति लाता है।
उत्पत्ति / संदर्भ
प्राचीन मिथिला सांस्कृतिक परंपरा