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सरस्वती पूजा (बसंत पंचमी)

सरस्वती पूजा (बसंत पंचमी)

क्यों मनाया जाता है

विद्या, कला और संगीत की देवी सरस्वती की आराधना और वसंत ऋतु का स्वागत।

इतिहास और कथा

मिथिला के प्राचीन शिक्षा केंद्र होने की समृद्ध विरासत और विद्वता की परंपरा से प्रेरित।

कब मनाया जाता है

बसंत पंचमी (माघ शुक्ल पंचमी)।

कैसे मनाया जाता है

पीले वस्त्र पहनना, सरस्वती प्रतिमा की स्थापना, 'अक्षर आरंभ' अनुष्ठान और पीले पकवानों का भोग।

त्योहार के बारे में

मिथिला में सरस्वती पूजा अत्यंत उत्साह के साथ मनाई जाती है। यह क्षेत्र सदियों से ज्ञान और पांडित्य का केंद्र रहा है। बसंत पंचमी के दिन छात्र और कलाकार अपनी पुस्तकों और वाद्ययंत्रों को देवी के चरणों में रखते हैं। पीले रंग का विशेष महत्व होता है जो खिले हुए सरसों के खेतों का प्रतीक है। पूजा पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं और अंत में भव्य विसर्जन जुलूस निकलता है।