मिथिला धरोहर: विरासत और स्मारक

गिरिजा स्थान (फुलहर)

📍 Mithila

गिरिजा स्थान (फुलहर)

गिरिजा स्थान, जिसे फुलहर के नाम से भी जाना जाता है, रामायण की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रेममयी घटना का स्थल है। यह मधुबनी जिले के उमगाँव के पास स्थित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह वही प्राचीन शाही उद्यान (फुलवारी) है जहाँ लक्ष्मण के साथ आए भगवान राम ने पहली बार देवी सीता को देखा था, जब वे माँ पार्वती (गिरिजा) की पूजा करने आई थीं। इसी स्थान पर राम और सीता के बीच मूक प्रेम का अंकुरण हुआ था और सीता ने राम को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए देवी गिरिजा से प्रार्थना की थी। मंदिर में देवी पार्वती की एक प्राचीन और दिव्य मूर्ति है। यहाँ का 'पुष्पवाटिका' प्रसंग मैथिल लोकगीतों और रामचरितमानस का एक अभिन्न अंग है। प्रतिवर्ष विवाह पंचमी और रामनवमी पर यहाँ हजारों श्रद्धालु आते हैं, जो उस शाश्वत प्रेम और भक्ति का अनुभव करना चाहते हैं जिसने भारतीय संस्कृति को आधार दिया है। यह स्थल आज भी उस तपोवन युग की शुद्धता और सुंदरता को संजोए हुए है।

योगदानकर्ता

✍️Anish Jha

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